66
LONG ANSWER5 marks
वास्तु शास्त्र के वृद्धि और विकास को प्राचीन भारत के सन्दर्भ में समझाइए ।
Answer
प्राचीन भारत में वास्तु शास्त्र एक विकसित विज्ञान था। विश्वकर्मा को देवताओं का प्रथम वास्तुकार माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भूमि चयन, दिशा, भवन का आकार, कमरों की व्यवस्था आदि के नियम दिए गए हैं। नारद, भृगु, वशिष्ठ और विश्वकर्मा जैसे ऋषियों का इसमें बड़ा योगदान है।